Sunday, March 3, 2013

Memory Training Workshops in India


Memory Guru of India

Presents Memory Power Workshop

BHOOLANA BHOOL JAOGE

(Forget Forgetting)


Shiksha Guru: Shri N L Sharman:

(Brain and Memory Trainer, Mnemonist, Motivator, Writer and Creator of Guru Ganit)

Training to the Teachers, Students, Working People and Aged

Workshop Content

Ø  All Memory techniques, Neurobics, Subconscious Mind, Mental Math, Photographic memory, Memory maps, Absentmindedness, Memory herbs, Memory Stunts, Memory Disorders etc.

Ø  Learn Guru Ganit, simpler than Abacus and Vedic Math and become mathematician.

Ø  Be able to memorize all the subjects. Read once remember forever.

Ø  Retain abstract data such as Maths, Physics, and Chemistry Formulas.

Ø  Calculate at the speed of a computer. Remember Periodic table in a day.

Ø  Remember spellings of difficult terminologies. Remember dictionaries and word meanings.

Ø  Get top grades and improve study skills. Remember names, faces and places.

Ø  Routinely memorize 100 digit numbers after hearing only once.

Ø  Memorize Value of  (PI) up to 10000 places. Memorize all telephone numbers in your cellphone.

Ø  Remember 200 years calendar by exact day and date.

Ø  Reduce study time up to 80 percent and enjoy your life. Pass departmental examination easily.

Ø  Learn 200 words and start speaking English.

Ø  Learn how to use your memory to memorize 50 or more random items.

Ø  Improve memory up to 500 percent in few days. Learn today and remember for life.

Ø  Participate in National and International Championships like Limca Book, Guinness World Records and Memory Championships etc. and become record holder.

     You must attend this memory workshop

If you are suffering from any one of the following memory challenges:

Ø  You forget keys,  spectacles, House locking,  Car doors, purse, Mobile, Books, helmet etc

Ø  You remember when you read but after a week you forget the entire chapter.

Ø  You are not able to crack competitive exams like  BANK, TOEFEL, GRE, CAT, IAS, PCS, IIT, CPMT, SSC etc.

Ø  You are not able to get the first rank in the school or the college.

Ø  You used to study well in your childhood but now all of sudden you are not able to focus on studies.

Ø  You are not able to remember periodic tables, multiplication tables, English word Meanings, spellings, theorems, equations, formulae, lengthy texts etc. 

Ø  You like some subjects but don’t like few subjects like mathematics, physics, chemistry and English etc, and end up in getting too low marks.

Ø  You are not able to study for long hours, you fell very exhausted, suffer from low concentration.

Ø  You are losing memory as growing old. You are retired and no interest in new challenges.

Ø  You feel sudden headache, stomach pain, and fever just few days before examination.

For reservation of seat Visit: http://unlimitedmemory.tripod.com Email: nlshraman@yahoo.co.in,  Call:   9984420572



        Note: More than 12000 students commit suicide every year in India due to exam stress, fear and panic.

IMPROVE MEMORY UPTO 500 PERCENT IN A FEW DAYS


विश्व का एक मात्र रंगीन सचित्र स्मृति शास्त्र
भूलना भूल जाओगे Forget Forgetting का हिन्दी संस्करण, भाषाटीका सहित
ISBN: 9788192493909 पुस्तकालय संस्करण-2012, पृष्ठ 264 सजिल्द, सचित्र, रंगीन, आर्ट पेपर पर मुद्रित
लेखक:
विश्वविख्यात शिक्षागुरु एन एल श्रमण, प्रशिक्षक, प्रेरक, निमोनिस्ट, लेखक, रचयिता गुरु गणित
World’s No. 1 Brain Training and Memory Book for All
Ø World’s only colored book of Memory and Mental Math.
Ø World’s only Brain book having more than 200 colored illustrations.
Ø World’s only book which trains logic and verbal memory.
Ø World’s only book of Guru Ganit, simpler from Vedic math.
Ø N L Shraman is the only Hindi and English Mnemonist in the World. http://en.wikipedia.org/wiki/Mnemonist.
Ø World’s only book which trains basics of 51 subjects to a child of 4 years.
Ø World’s School teaches what to read, this book teaches how to read.
Ø World’s only book an alternative to tuitions and teacher of teachers.
Ø World’s only book for all ages: Students, Teachers, Working, Old Young.
Ø World’s only book which improves grades in school immediately.
Ø World’s only book which improves memory instantly and removes panic and fear in Exam.
परीक्षा का एक (1) नम्बर आपकी जिन्दगी बदल सकता है पर रु 1001 नहीं।
यह विश्व की प्रथम एवं एक मात्र हिन्दी स्मृति शास्त्र की पुस्तक है इसे सम्पादित करने में दस वर्षों से अधिक समय लगा है। इस पुस्तक में विश्व की समस्त स्मरण की तकनीकों के साथ-2 वह सारी जानकारियाँ दी गयी हैं जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं जैसे:
PSUDONUMEROLOGY, PROSOPAGNOSIA, COLOURBLINDNESS NEUROBICS, JUMBLE WORD, ANAGRAM, LEFT AND RIGHT BRAIN, MIRROR WRITING, CHISENBOP, ABSENTMINDEDNESS, CALANDAR & DATES, PROSOPAGNOSIA, MIND MAPPING, SELF HYPNOSIS, MNEMONICS, DREAMS & SLEEP, MEMORY GAMES, SUBCONSCIOUS MIND, PEGS, MAGIC SQUARES, PLAYING CARDS, OLD AGED MEMORY, BROWSE BRAIN, EXAMINATION FEAR, MEMORY HERBS, STRESS MGMNT, MEMORY MEDICINES, REVERSE MEMORY, SOUND WAVES, FORGETTING, PHOTOGRAPHIC MEMORY, MEMORY SPORTS, GUINESS WORLD RECORDS, LIMCA BOOK OF RECORDS, FORGETTING, MEMLETICS, DMIT, DYSLEXIA, DIMENTIA आदि और बहुत कुछ।।
हिन्दी स्मृति विज्ञान (Hindi Mnemonics) प्रथम रचना है एवं विश्व में कोई भी दूसरी पुस्तक नहीं है। इस पुस्तक की विषय वस्तु में 51 से अधिक विषयों जैसे नागरिक शास्त्र, इतिहास, भूगोल, गणित, बीज गणित, रेखा गणित, ठोस ज्यामिति, ज्यामिति, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, हिन्दी अँग्रेज़ी भाषा व व्याकरण, खगोल विज्ञान, कृषि, वनस्पति शास्त्र, सामान्य ज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, स्मृति शास्त्र, वेग गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स्, मीट्रिक प्रणाली वाणिज्य, अर्थशास्त्र व देश विदेश की जानकारी आदि के साथ-2 अन्य बहुमूल्य जानकारियाँ दी गयी हैं। इसकी विषय वस्तु को चार वर्ष या इससे अधिक की आयु का कोई भी व्यक्ति स्मरण कर सकता है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आपको पछतावा हो सकता है कि यह पुस्तक आपने पहले क्यों नहीं पढ़ी।
प्रकाशक: दि मेमोरी गुरु आफ़ इन्डिया ( भारत गणराज्य)
सम्पूर्ण भारत व विदेशों में पुस्तक प्राप्त करने के लिये फोन करें
+91-9651968638, 9984420572, 9532435372 दक्षिणा 1001 (भारत में) $ 50 (विदेशों में) ।
500 % तक स्मरणशक्ति बढ़ायें मात्र कुछ दिनों में
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Sunday, May 13, 2012

Bhoolana Bhool Jaaoge-Forget Forgetting-भूलना भूल जाओगे


सामान्यतः लोग यह समझते हैं कि स्मरण शक्ति, बुद्धिमत्ता और शैक्षणिक क्षमता ईश्वर की ही देन है और इनमें वृद्धि की सम्भावना भी नहीं है। लेकिन यह यथार्थ नहीं है, जिस तरह आप शरीर-गठन करने और षट-बन्ध उदर विकसित करने हेतु व्यायाम-शाला जाते हैं, आसन, योग तथा कसरत करते हैं, पौष्टिक आहार लेते हैं और मन चाही  बलिष्ठ मांसल देह प्राप्त करते हैं, ठीक उसी तरह आप कई तरीकों से जैसे न्यूरोबिक्स (दिमाग़ी कसरत), स्मृति विज्ञान (निमोनिक्स) या समुचित पोषक तत्वों के सेवन से अपने मस्तिष्क की क्षमताओं में अभूतपूर्व वृद्धि कर सकते हैं। वैसे भी मानव के मस्तिष्क में अपार शक्ति संचित है। यह पुस्तक आपके हाथों में देखकर हम पूर्ण रूप से निश्चिंत हैं कि आप की स्मरण क्षमता मात्र कुछ ही दिनों में कई गुना अधिक हो जाएगी।
इसका अर्थ यह भी हुआ कि हमारे मस्तिष्क में अभी भी ऐसी अनेक शक्तियाँ या रहस्य हैं जिन्हें हमें अभी खोजना है। आजकल वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क की क्षमताओं में अपार वृद्धि करने हेतु कई रहस्यमयी तकनीकों और पोषक तत्वों की खोज कर ली है। आज हम इन सारे रहस्यों से पर्दा उठा देंगे, आज हम सारे भेद खोल देंगे। आज आप जान जायेंगे कि मस्तिष्क किस प्रकार काम करता है, किस तरह आप स्वयं को बुद्धिमान, विद्वान और सफल बना सकते हैं तथा कैसे आप अपनी स्मरण शक्ति को चाकू की धार जैसा पैना बना सकते हैं। आज हम आपको यह भी बता देंगे कि कैसे आप हर परीक्षा में अपने सारे प्रतिद्वंदियों को पछाड़ कर सर्वोच्च अंक प्राप्त करेंगे तथा कैसे आप हर परीक्षा के प्रश्नपत्रों को चुटकियों में हल कर लेंगे। आप अनुभव करेंगे कि आज के बाद कैसे सफलता आपके कदम चूमेगी। आज हम और आप मिल कर आपकी सफलता के लिए नई इबारत लिख देंगे।
आज यहाँ हम कुछ स्मृति नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जिनका प्रयोग आपकी स्मरण शक्ति, विद्वता, पठन क्षमता, चतुराई, दूरदर्शिता, कल्पनाशीलता, सृजनात्मकता, एकाग्रता, परिपक्वता, निर्णय क्षमता, व्यवहार कुशलता, सहनशीलता, सकारात्मक प्रवृत्ति, मानसिक शांति, बुद्धिमत्ता और शैक्षणिक क्षमता में अभूतपूर्व, असीमित, अविश्वसनीय, अचूक तथा अपार वृद्धि करेगा ।
रविवार, 11 मार्च 2012 (21 फाल्गुण 1933)               -  एन एल श्रमण                                                        भूलना भूल जाओगेएन एल श्रमण के 50 वर्षों के निरन्तर अध्ययन, अनुभव, शोध, संगति एव कल्पना का सार संग्रह है। यह स्मृति शास्त्र नहीं अपितु स्मृति शस्त्र है। निमोनिक्स ("NE-mon'-आईसीएस") स्पष्ट कृत्रिम उपादान की एक प्रणाली का उपयोग कर स्मृति की सहायता करने की कला है। नियमों, वाक्यांशों, चित्र, संक्षिप्त कूट और अन्य विधियों की सहायता से नाम, तिथि, तथ्य और आंकड़े आदि को याद रखने में मदद करता है। निमोनिक्स लोगों को जानकारी प्राप्त करने के लिए एक त्वरित संदर्भ स्रोत या विशिष्ट विषयों के साथ मदद, और किसी के लिए सहायता का एक पुस्तकालय (शिक्षकों को विशेष रूप से) है। सामान्य में निमोनिक्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने, इस विषय के उपयोग और प्रयोजन विस्तृतीकरण के लिए एक विस्तृत विवरण शामिल करने का प्रयत्न है।  इस पुस्तक की विषय वस्तु में 51 से अधिक विषयों जैसे नागरिक शास्त्र, इतिहास, भूगोल, गणित, बीज गणित, रेखा गणित, ठोस ज्यामिति, ज्यामिति, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, हिन्दी व अँग्रेज़ी भाषा एवं व्याकरण, खगोल विज्ञान, कृषि, वनस्पति शास्त्र, सामान्य ज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, स्मृति शास्त्र, गुरु गणित, इलेक्ट्रॉनिक्स्, मीट्रिक प्रणाली वाणिज्य, अर्थशास्त्र व देश विदेश की जानकारी  के साथ-2 अन्य बहुमूल्य जानकारियाँ दी गयी हैं। इसकी विषय वस्तु को चार वर्ष या इससे अधिक की आयु का कोई भी व्यक्ति स्मरण कर सकता है।
Mnemonics Neatly Eliminate Man's 
Only Nemesis - Insufficient  Cerebral Storage“                                                                                 
भूलना भूल जाओगे
Forget Forgetting
इतिहास में ऐसी पुस्तक इससे पहले कभी भी किसी ने लिखने का प्रयास नहीं किया।  इस जैसी पोथी को लिखने में पीढ़ियाँ गुजर सकती हैं। लेखक ने मात्र साठ वर्षों के अनुभवों से इसे सम्पादित कर दिया है। इस पुस्तक  की विषय वस्तु  चार वर्ष या अधिक  आयु के व्यक्तियों द्वारा याद की जा सकती है। यह पुस्तक न केवल इक्यावन  से अधिक विषयों को याद करने का रास्ता दिखाती है अपितु  उससे सम्बंधित  तकनीकियों की जानकारी भी देती है। यह पुस्तक स्मरण शक्ति से सम्बंधित तमाम मिथकों को तोड़ती है। इस पुस्तक की दृष्टि में स्मरणशक्ति कोई दैवीय वरदान नहीं अपितु इसे थोड़े से प्रयास से कई गुणा बढ़ाया जा सकता है। इस पुस्तक में ऐसी जानकारियाँ दी गयी है जो इस पुस्तक के अतिरिक्त  अन्यत्र शायद ही कहीं उपलब्ध हो सकें। एक बार जब आप इस पुस्तक को पढ़ लेंगे तो आप को इस बात का पछ्तावा अवश्य हो सकता है कि यह पुस्तक आपको काफी पहले क्यों पढ़ने को नहीं मिली। इस पुस्तक को पढ़ने से आप अथाह आत्मविश्वास प्राप्त करेंगे, परीक्षा का नाम सुनकर आपका चेहरा खिल उठेगा, आपकी कमजोरियां खूबियों में बदल जायेंगी, ख्याति बढ़ेगी व आपकी जिन्दगी एकदम बदल जायेगी , आपकी अवस्था चाहे कुछ भी हो।
प्रकाशक: मेमोरी गुरु ऑफ़ इन्डिया
(भारत गणराज्य)

Sunday, January 8, 2012

वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग- A Motivation

वे चल-फिर नहीं पाते, लेकिन उनकी निगाह रहती है आकाशगंगाओं की चाल पर। वे बोल नहीं पाते, लेकिन उनकी बातों को जमाना खामोश होकर सुनता है। हां आज 70वां जन्मदिन है उन्हीं महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का, जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति के आगे हर मुश्किल बौनी है। 8 जनवरी 1942 को आक्स्फ़ोर्ड (इंग्लैंड) में जन्में स्टीफन में बचपन से ही भौतिकी और गणित के कठिन प्रश्नों को आसानी से हल करने की क्षमता थी। यही प्रतिभा उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में ले गई। आज ब्रह्माण्ड अध्ययन, भौतिकी और गणित में उनका योगदान अतुलनीय है। स्टीफन मुख्यत: कॉस्मोलॉजी के क्षेत्र में योगदान की वजह से जाने जाते हैं जिसके अंतर्गत ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति, संरचना और स्पेस-टाइम रिलेशनशिप के बारे में अध्ययन किया जाता है। उन्होंने थ्योरी ऑफ बिग बैंग और ब्लैक होल्स को नए सिरे से परिभाषित किया है। स्टीफन की जिजीविषा का असली सफर तब शुरू हुआ, जब वह अपने शरीर पर नियंत्रण खो चुके थे। 21 वर्ष की उम्र में ही उन्हें मांसपेशियों के असाध्य लकवे ने घेर लिया था। डॉक्टरों ने कहा, कि अब वे केवल 2 साल के मेहमान हैं, लेकिन स्टीफन ने यह सोच लिया था कि मैं बीमारी से नहीं मरूंगा, जिंदा रहूंगा और इस बीमारी को हरा दूंगा। उन्होंने फैसला किया कि जीवन में जितना भी बुरा समय आएगा वे उसे पूरी जिंदादिली से जिएंगे। यही कारण है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा। हालांकि यह सब करना आसान नहीं था। उनके अंगों ने उनका साथ छोड़ दिया था। धीरे-धीरे उनकी जुबान भी बंद हो गई। अब वे न चल-फिर सकते थे और न ही अपनी बात को बोलकर किसी से शेयर कर सकते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 30 सालों तक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर का पद संभाला। स्टीफन की शारीरिक स्थिति जैसे-जैसे खराब होती गई, उनकी बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन और उपलब्धियों का क्रम बढ़ता गया। बोलने की क्षमता खोने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वॉइस सिंथेसाइजर की सहायता से उन्होंने ब्रंााण्ड के रहस्य दुनिया को बताए। उन्होंने छह किताबें लिखीं। वर्ष 2009 में उन्हें प्रेसिडेंशियल मैडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया गया, जो अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। स्टीफन ने इच्छाशक्ति के बल पर न केवल मौत को हराया, बल्कि जिंदगी की वह जंग भी जीती, जिसे जीने की कल्पना भी कोई नहीं कर सकता। जिस स्थिति में लोग मौत की कामना करते हैं, स्टीफन ने जिंदगी के लिए दुआएं की, क्योंकि वह सृष्टि के कई अनसुलझे रहस्यों को सामने लाना चाहते हैं। दुनिया के बड़े से बड़े सवालों के जवाब देने वाले स्टीफन खुद इन दिनों एक सवाल दुनिया से पूछ रहे हैं। उन्होंने याहू पर यह प्रश्न छोड़ा है, जिस तरह की आर्थिक, राजनैतिक और प्राकृतिक समस्याओं से हम गुजर रहे हैं, आने वाले 100 सालों में अपना अस्तित्व कैसे कायम रख पाएंगे? स्टीफन हॉकिंग का यह प्रश्न बताता है कि वह न केवल एक काबिल वैज्ञानिक हैं, बल्कि संसार के लिए एक करुणामय हृदय भी रखते हैं, जिसकी वेदना वह अपनी जुबान से व्यक्त तक नहीं कर सकते!

Thursday, October 20, 2011

Few Mnemonics ~ IAS OUR DREAM

Few Mnemonics ~ IAS OUR DREAM

1 से 10 तत्व

हाईड्रो हेली लीथी बेरी,

बोर कार्बन नित रोती है।

अक्स फ़ूल को नयन रखे ये नकचढ़ी,

आवर्त सारणी आवर्त सारणी।

आवर्त सारणी आवर्त सारणी ॥

1 -- हाइड्रोजन -- H – Hydrogen 2 -- हिलियम -- He – Helium 3 -- लिथियम -- Li – Lithium 4 -- बेरिलियम -- Be – Beryllium 5 -- बोरॉन् -- B – Boron 6 -- कार्बन -- C – Carbon 7 -- नाइट्रोजन -- N – Nitrogen 8 -- ऑक्सीजन -- O – Oxygen 9 -- फ्लोरीन -- F – Fluorine 10 -- नियोन -- Ne – Neon

11 से 20 तत्व

सोडा मग मे अल सीली लायी,

फ़ुसफ़ुस गंधक क्लोरीन मिलायी ।

मिल गया अरगो में पोटाश औ चूनी ॥

आवर्त सारणी आवर्त सारणी ।

आवर्त सारणी आवर्त सारणी ॥

11 -- सोडियम -- Na -- Sodium (लैटिन शब्द 'Natrium' से) 12 -- मैग्नेशियम -- Mg – Magnesium 13 -- एल्युमिनियम -- Al – Aluminium 14 -- सिलिकॉन -- Si – Silicon 15 -- फास्फोरस -- P – Phosphorus 16 -- गन्धक -- S – Sulfur 17 -- क्लोरीन -- Cl – Chlorine 18 -- ऑर्गन -- Ar – Argon 19 -- पोटैशियम -- K -- Potassium (जर्मन भाषा के शब्द 'Kalium' से) 20 -- कैल्शियम -- Ca -- Calcium